Saturday, August 12, 2017

जाने सैकड़ो रोगों का इलाज !

सहजन पेड़ मनुष्य के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं


दुनीया का सबसे ताकतवर पोषण पुरक आहार है सहजन (मुनगा) 300 से अधि्क रोगो मे बहोत फायदेमंद इसकी जड़ से लेकर फुल, पत्ती, फल्ली, तना, गोन्द हर चीज़ उपयोगी होती है
आयुर्वेद में सहजन से तीन सौ रोगों का उपचार संभव है

सहजन के पौष्टिक गुणों की तुलना
?-विटामिन सी- संतरे से सात गुना
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विटामिन ए- गाजर से दस गुना
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कैलशियम- दूध से सत्रह गुना
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पोटेशियम- केले से पन्द्रह गुना
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प्रोटीन- दही की तुलना में तीन गुना

स्वास्थ्य के हिसाब से इसकी फली, हरी और सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन , कैल्शियम , पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम,विटामिन-ए , सी और बी-काम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाई जाती है
इनका सेवन कर कई बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है, इसका बॉटेनिकल नाम मोरिगा ओलिफेरा है हिंदी में इसे सहजना , सुजना , सेंजन और मुनगा नाम से भी जानते हैं.जो लोग इसके बारे में जानते हैं , वे इसका सेवन जरूर करते हैं, सहजन में दूध की तुलना में चार गुना कैल्शियम और दोगुना प्रोटीन पाया जाता है.
ये हैं सहजन के औषधीय गुण सहजन का फूल पेट और कफ रोगों में , इसकी फली वात व उदरशूल में , पत्ती नेत्ररोग , मोच , साइटिका , गठिया आदि में उपयोगी है
इसकी छाल का सेवन साइटिका , गठिया , लीवर में लाभकारी होता है। सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वात और कफ रोग खत्म हो जाते हैं
इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया , साइटिका , पक्षाघात , वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है। साइटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है.
मोच इत्यादि आने पर सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं और मोच के स्थान पर लगाने से जल्दी ही लाभ मिलने लगता है |
सहजन की सब्जी के फायदे. – Sahjan ki sabji ke fayde
सहजन के फली की सब्जी खाने से पुराने गठिया , जोड़ों के दर्द , वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है।
इसके ताजे पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है साथ ही इसकी सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है,
इसकी जड़ की छाल का काढ़ा सेंधा नमक और हिंग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है
सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के किड़े निकालता है और उल्टी-दस्त भी रोकता है
ब्लड प्रेशर और मोटापा कम करने में भी कारगर सहजन का रस सुबह-शाम पीने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है
इसकी पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे-धीरे कम होनेलगता है
इसकी छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़े नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है
इसके कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होता है इसके अलावा इसकी जड़ के काढ़े को सेंधा नमक और हिंग के साथ पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है।
इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सूजन ठीक होते हैं
पानी के शुद्धिकरण के रूप में कर सकते हैं इस्तेमाल सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
इसके बीज को चूर्ण के रूप में पीसकर पानी में मिलाया जाता है। पानी में घुल कर यह एक प्रभावी नेचुरल क्लेरीफिकेशन एजेंट बन जाता है यह न सिर्फ पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता है , बल्कि यह पानी की सांद्रता को भी बढ़ाता है।

सहजन का काढ़ा पीने से क्या-क्या हैं फायदे
कैंसर और पेट आदि के दौरान शरीर के बनी गांठ , फोड़ा आदि में सहजन की जड़ का अजवाइन , हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने का प्रचलन है यह भी पाया गया है कि यह काढ़ा साइटिका (पैरों में दर्द) , जोड़ों में दर्द , लकवा ,दमा,सूजन , पथरी आदि में लाभकारी है |
सहजन के गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है। आज भी ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है कि सहजन के प्रयोग से वायरस से होने वाले रोग ,जैसे चेचक के होने का खतरा टल जाता है
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
सहजन में हाई मात्रा में ओलिक एसिड होता है , जो कि एक प्रकार का मोनोसैच्युरेटेड फैट है और यह शरीर के लिए अति आवश्यक है। सहजन में विटामिन-सी की मात्रा बहुत होती है। यह शरीर के कई रोगों से लड़ता है
सर्दी-जुखाम
यदि सर्दी की वजह से नाक-कान बंद हो चुके हैं तो , आप सहजन को पानी में उबालकर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी।
हड्डियां होती हैं मजबूत.
सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। इसके अलावा इसमें आइरन, मैग्नीशियम और सीलियम होता है
इसका जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है , इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है, गर्भवती महिला को इसकी पत्तियों का रस देने से डिलीवरी में
आसानी होती है।
सहजन में विटामिन-ए होता है , जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिए प्रयोग किया आता जा रहा है
इसकी हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढ़ापा दूर रहता है इससे आंखों की रोशनी भी अच्छी होती है
यदि आप चाहें तो सहजन को सूप के रूप में पी सकते हैं इससे शरीर का खून साफ होता है |
कुछ अन्य उपयोग
सहजन के फूल उदर रोगों व कफ रोगों में इसकी फली वात व उदरशूल में पत्ती नेत्ररोग, मोच ,शियाटिका ,गठिया आदि में उपयोगी है।
सहजन की जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग आदि के लिए उपयोगी है तथा छाल का उपयोग साईटिका, गठिया, यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है।
सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर,वातघ्न,रुचिकारक, वेदनाशक,पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है
सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वातए व कफ रोग शांत हो जाते है, इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है\ साईं टिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है
सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है।
सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व बहत्तर प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है।
सहजन की सब्जी खाने से पुराने गठिया और  जोड़ों के दर्द व्  वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है।
सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है।
सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है।
सहजन की जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है।
सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालता है और उलटी दस्त भी रोकता है।
सहजन फली का रस सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।
सहजन की पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे धीरे कम होने लगता है।
सहजन की छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़ें नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है।
सहजन के कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है।
सहजन. की जड़ का काढे को सेंधा नमक और हिंग के साथ पिने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है।
सहजन की पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सुजन ठीक होते है।
सहजन के पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाए या इसके बीज घीसकर सूंघे तो सर दर्द दूर हो जाता है .
सहजन के गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है।
सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। विटामिन सी शरीर के कई रोगों से लड़ता है खासतौर पर सर्दी जुखाम से। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तोए आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। ईससे जकड़न कम होगी।
सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है। इसके अलावा इसमें आयरन, मैग्नीशियम और सीलियम होता है।
सहजन का जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है।
सहजन में विटामिन ए होता है जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिये प्रयोग किया आता जा रहा है। इस हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढापा दूर रहता है। इससे आंखों की रौशनी भी अच्छी होती है।
सहजन का सूप पीने से शरीर का रक्त साफ होता है। पिंपल जैसी समस्याएं तभी सही होंगी जब खून अंदर से साफ होगा।
सहजन के बीजों का तेल शिशुओं की मालिश के लिए प्रयोग किया जाता है। त्वचा साफ करने के लिए सहजन के बीजों का सत्व कॉस्मेटिक उद्योगों में बेहद लोकप्रिय है। सत्व के जरिए त्वचा की गहराई में छिपे विषैले तत्व बाहर निकाले जा सकते हैं।
सहजन के बीजों का पेस्ट त्वचा के रंग और टोन को साफ रखने में मदद करता है।मृत त्वचा के पुनर्जीवन के लिए इससे बेहतर कोई रसायन नहीं है। धूम्रपान के धुएँ और भारी धातुओं के विषैले प्रभावों को दूर करने में सहजन के बीजों के सत्व का प्रयोग सफल साबित हुआ है।


Thursday, August 10, 2017

भविष्यवानियाँ

गर्भ में लड़का या लड़की सदियों पहले बताये गए ये राज़

आज भारत में हर महिला ये जानना चाहती है के उसके पेट में पल रही संतान लड़का है या लड़की, ऐसे में विज्ञान ने नयी नयी तकनीक हासिल की, जिस से पता चला के गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की, मगर भारतीय इतिहास में सदियों से ही इसके बारे में सिर्फ कुछ लक्षणों को देख कर बता दिया जाता था के गर्भस्थ शिशु लड़का है या लड़की, और उस समय गर्भ के लिए की गयी ये भविष्यवानियाँ कभी गलत साबित नहीं हुयी.
garbh me kya hai, kaise pata kare ke garbh me ladka hai ya ladki
आज हम आपको वही कुछ बताने जा रहें हैं. एक महिला के लिए मां बनना किसी ख़ूबसूरत अनुभव से कम नहीं होता। संतान का सुख हर किसी के लिए दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास होता है। हालांकि कुछ लोग इस ख़ुशी से वंचित भी रह जाते हैं। पर जिन्हें ये सुख मिलता है उन्हें दुनिया की सारी खुशियाँ फीकी नज़र आती हैं। वैसे बच्चा पैदा होने से पहले हर किसी के मन में ये बात उछल कूद मचाती रहती है कि गर्भ में लड़का या लड़की है। गर्भ में पल रहे भ्रूण की पहचान कर पाना नामुमकिन सा काम होता है। लेकिन कुछ तजुर्बे ऐसे हैं जिनका संकेत देख आप ये पता लगा सकते हैं कि गर्भ में क्या है ?
1- अगर महिलाएं ज़रूरत से ज़्यादा Moody हो रही हैं तो माना जाता ही की वह एक कन्या को जन्म देने वाली हैं। क्योंकि इससे फिमेल हार्मोन ज़्यादा हो जाता है।
2-
अगर आपका बांया ब्रेस्ट दाहिने ब्रेस्ट से बड़ा है तो आप बेटी को जन्म देंगी। वहीँ अगर गर्भ में बेटा होगा तो दांया ब्रेस्ट बाएं से बड़ा होगा।
3-
अगर निप्पल ज़रूरत से ज़्यादा काले हो जाते हैं तो माना जाता है कि बेटा होगा।
4-
अगर पेशाब का रंग गहरा Yellow हो तो बेटा होगा वहीँ अगर हल्का yellow है तो बेटी।
5-
अगर आपकी हार्ट बीट सामान्य है तो लड़का होगा और वहीँ अगर 140 तक होती है तो बेटी पैदा होगी।
6-
अगर गर्भवती को नमकीन खाने का मन कर रहा है तो बेटा होगा लेकिन अगर मीठा खाने का मन करता है तो बेटी आने वाली है।
7-
सारे संकेतों में ये बड़ा संकेत माना जाता है कि अगर पिता का वज़न बढ़ता है तो बेटी की आने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन अगर वज़न सामान्य है तो बेटा पैदा होगा।
8-
प्रेगनेंसी के समय अगर पैर के बाल बढ़ जाए तो बेटा होने की उम्मीद बढ़ जाती है।
9-
अगर नाक का शेप बढ़ जाए तो बेटा होने की संभावना ज़्यादा होती है।
10-
अगर गर्भ में बच्चा ज़्यादा उछल कूद मचाता है तो बेटा होने के चांसेज ज़्यादा होते हैं।

Thursday, August 3, 2017

घरेलु मसालों के अद्भुत लाभ , समयपूर्ण उपयोग और समुचित फायदे

एक चुटकी अजवाइन करेगी कई बीमारियों को छूमंतर, जरा खाकर तो देखिए

मौसम बदलने का सबसे ज्यादा असर हमारी सेहत पर ही पड़ता है। लोग अक्सर कुछ न कुछ ऐसी चीजें खा लेते हैं जो उनकी तबियत को खराब कर देती है और ज्यादा समय डॉक्टर के चक्कर काटने में ही निकल जाता है। लेकिन आज हम आपको आपके किचन में मौजूद एक ऐसी खास चीज के फायदे बताएंगे जिसका इस्तेमाल ज्यादातर लोग खाना बनाने में करते हैं।

1.       सर्दी जुकाम को जड़ से खत्म करना
सर्दी जुकाम एक आम समस्या है। इसमें अजवाइन को सूंघना जुकाम से जल्द राहत दिला सकता है। इसके लिए बस आप थोड़ी सी अजवाइन को कूट लें और फिर किसी कपड़े में बांधकर सूंघे। ऐसा करने पर आपको राहत मिलेगी। वहीं ठंड लगने पर इसे चबाने के बाद निगल लें ऐसा करने पर सर्दी कम लगेगी।

2.       वजन करेगी कम
एक चम्मच अजवाइन आपके वजन को भी कम करने में कारगर साबित होती है। रात में एक चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह होने पर इस पानी को छानें और उसमें शहद मिलाकर पिए ऐसा करने पर वजन कम होता है।

3.       पेट खराब होने पर
पेट खराब में भी अजवाइन फायदेमंद साबित होती है। अजवाइन को चबाने के बाद उसके ऊपर गर्म पानी पिए। इसके साथ आप काला नमक भी मिला सकती हैं ऐसा करने पर पेट में अगर कीड़े हैं तो निकल जाएंगे या फिर पेट में दर्द हो रहा है तो वो कम हो जाएगा।

4.       खत्म करती है मसूड़ों की सूजन
अजवाइन के तेल की बूंदे मसूड़ों में सूजन को कम करती है। अगर आपके मसूड़ों में सूजन है तो पानी गुनगुने पानी में अजवाइन के तेल की कुछ बूंदे डालकर उससे कुल्ला करें ऐसा करने पर सूजन कम होती है और आपको आराम मिलेगा।

आप क्या जानें एक चुटकी हींग की कीमत...एक गिलास पानी में घोलकर तो देखिए जान जाएंगे

खाना बनाते समय हम लोग कई सारे मसालों का इस्तेमाल करते हैं जिससे खाना लजीज बन जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि किचन में आपकी सेहत का राज भी छिपा हुआ है। तो चलिए आज हम आपको हींग वाले पानी के बारे में बताते हैं जिसे पीने से आपको कई फायदे होंगे।

1.       पेट की तकलीफ करेगा दूर
पेट में दर्द होना आम बात है और अक्सर लोग इस समस्या से जूझते नजर आते हैं लेकिन उस समय एक गिलास हींग का पानी आपकी पेट की समस्या को चुटकियों में दूर कर देगा। हींग के पानी में मौजूद एंटी इंफ्लेमेंट्री और एंटी ऑक्सीडेट्स तत्व खराब पेट और एसिडिटी के अलावा कई बीमारियों से निजात दिलाता है।

2.       हड्डियों और दांतों को बनाता है मजबूत
हींग के पानी में एंटी इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं जो हड्डियों को मजबूती देती हैं। वहीं हींग में पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेट्स दांतों को हेल्दी और strong  बनाता है।

3.       ब्लड प्रेशर को करता है नियंत्रित
हींग को खाने में डालकर खाना हो या फिर पानी में मिलाकर पीना दोनों ही आपके शरीर के लिए गुणकारी होता है। हींग का पानी शरीर में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।

4.      माइग्रेन के दर्द में कारगर
हींग का पानी माइग्रेन के दर्द के अलावा दांत के दर्द से भी राहत दिलाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और दर्द निवारक तत्व मौजूद होते हैं जो दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

खाने का स्वाद बढ़ाने के अलावा आपकी सबसे बड़ी समस्या को भी खत्म करेगा ये पत्ता

वैसे तो करी पत्ते का इस्तेमाल आपने कई बार खाने में फ्लेवर लाने के लिए किया होगा लेकिन यहीं करी पत्ता आपके बालों से dandruff को खत्म करना का अच्छा साधन माना गया है।

सबसे पहले करी पत्ता लें और उसकी पत्तियों को दूध में मिलाकर पीस लें। अब इस पेस्ट को अपने बालों की जड़ों में लगाए और करीबन 2 घंटे तक रखें। उसके बाद ठंडे पानी से बालों को धो लें। ऐसा रोजाना करने पर आपके बालों से dandruff खत्म हो जाएगा।

नमक के घरेलु नुस्खे

1.       सफेद कपड़ों पर पसीने के दाग बन गए हैं तो इसे गुनगुने पानी में नमक मिलाकर भिगो दीजिए। कुछ देर बाद इसे ब्रश से क्लीन कर लें। 

2.       हाथों से प्याज-लहसुन की स्मेल नहीं जा रही हैं तो विनेगर और नमक मिलाकर हाथों पर लगाएं। स्मेल चली जाएगी।

3.       फ्रीज में से स्मेल आ रही है तो सोडा वाटर में नमक मिलाकर उसकी क्लीनिंग करें और फिर उसे डिफ्राॉस्ट कर दें।

4.       रात में जूतों के अंदर नमक डालिए और सुबह  उन्हें क्लीन कर लें। इससे उनमें मौजूद मॉइश्चर और खराब स्मेल ऑब्जर्ब हो जाएगी।

5.       फ्लावर पॉट में पानी भरते समय एक चुटकी नमक भी मिला दीजिए। इससे फूल लंबे समय तक फ्रेश बने रहते हैं। 

6.       कॉटन के कपड़ो पर खून के निशान लग गए हैं तो ठंडे पानी में नमक मिलाकर उन्हें भिगो दीजिए और फिर गुनगुने सोपी वाटर में कपड़ो को धोएं।


रात को नींद नहीं आती? किचन का ये मसाला देगा राहत

रात को अगर आपकी भी नींद बार-बार टूटती है? देर रात तक बिस्तर पर लेटे रहने के बावजूद आप सुकून से सो नहीं पाते हैं तो ये खबर आपके लिए है। तनाव, डिप्रेशन की वजह से कई बार व्यक्ति को नींद न आने जैसी समस्याएं हो जाती हैं।

आइए जानते हैं कैसे जीरे के इस आसान से नुस्खे को अपनाकर इस परेशानी को दूर कर सकते हैं।

आयुर्वेद में अच्छी नींद के लिए जीरे का प्रयोग काफी फायदेमंद माना गया है। जीरे के अलावा इस परेशानी से निपटने के लिए जीरे का तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है।  

1.       अच्छी नींद पाने के लिए जीरे का ये नुस्खा बेहद कारगर है।इसके लिए एक केले को मसलकर उसमें एक चम्मच जीरे का पाउडर मिला लें। रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करना चाहिए। 

2.       नींद के साथ शरीर की थकान मिटाने के लिए भी जीरे का सेवन किया जा सकता है। इसके लिए जीरे की चाय बेहद उपयोगी है। इस चाय को बनाने के लिए एक चम्मच जीरे को दो से तीन सेकेंड तक हल्की आंच पर भून लें। इसके बाद इस जीरे को एक कप पानी में उबाल कर ठंडा होने दें। इसके बाद इस पानी को छानकर पी लें । जीरे की ये चाय रोज रात को सोने से पहले पीने से आपकी सारी थकान दूर हो जाएगी।

3.       जीरा पाचन शक्ति को बढ़ाकर शरीर की नींद को ठीक करता है।

 



जाने सैकड़ो रोगों का इलाज !

सहजन पेड़ मनुष्य के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं दुनीया का सबसे ताकतवर पोषण पुरक आहार है सहजन (मुनगा) 300 से अधि्क रोगो मे बहोत फा...